
----::::एक दुखी बेसहारा आशिक:::::---
दो पल की भी खुशी न मिली तो क्या हुआ
उमर भर गम के सहारे जी लेंगे..
क्या हुआ जो हमारी girlfriend नही,
हम आपकी girlfriend के सहारे जीलेंगे.
--::अर्ज़ क्या है:::--
बहार आने से पहले फिजा आ गई,
की बहार आने से पहले फिजा आ गई,
और फूल खिलने से पहले...
उन्हें बकरी खा गई..!
---:::अर्ज़ किया हैं:::---
हम भी आपके लिए ताजमहल बनायेंगे..
गौर कीजिये,
हम भी आपके लिए ताजमहल बनायेंगे..
1 कप ख़ुद और 1 कप आपको पिलायेंगे!
वाह ताज!
::::एक दुखी बेसहारा आशिक:::::---
Tuesday, January 13, 2009 at 11:11 PM Posted by Abhishek Kumar Verma
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भिखारी : टमाटर ही दे दो..
at 11:11 PM Posted by Abhishek Kumar Verma

डॉक्टर फ़िल्म बनाते तो फ़िल्म का नाम क्या-क्या होता?
1.कभी खासी कभी दम.
2.कहो न बुखार हैं.
3.टी.बी. न.1.
4.कल मरीज़ हो न हो.
5.हम खून दे चुके सनम.
भिखारी : कुछ खाने को दो बाबा.
पंडित : टमाटर खा,
भिखारी : रोटी दो बाबा
पंडित : टमाटर खा,
भिखारी : टमाटर ही दे दो...
पंडित की बीवी : ये तोतले हैं, कह रहे है कमाकर खा.
बीवी : "मैं माईके जा रही हु , तुम्हे तलाक का नोटिस भेज दूंगी!"
पति : "जाजा , मीठी-मीठी बाते करके मुझे खुश करने की कोशिश मत कर.
बहुत देर बाद ट्रेन चली
मुस्लिम बोला "या अली"
हिंदू बोला "जय बजरंगबली"
1 आदमी बोला
क्या "अली" क्या "बलि"
ट्रेन तो बाजु वाली चली
वर्ल्ड बिना गर्ल्स के हो जाए तो क्या होगा?
गलिया सुनसान,
कॉलेज वीरान,
दुनिया परेशान,
तन्हा इन्सान,
न जानू,
न जान,
हर तरफ़ बस,
"जय हनुमान"
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बच्चा कैसे होता है।
at 11:01 PM Posted by Abhishek Kumar Verma
होश मे आने के बाद बोली, " बस जेल जाने की कसर ही बाकी रह गई थी .... नोट छाप कर वह भी पूरी करने का इरादा है जनाब का? "
मेरी हंसी रोके ना रुकी। बोला, " अरी भागवान , नोट छापने का असली मतलब सचमुच में नोट छापना नहीं है। "
" तो फिर ?"
" देखा नहीं, फिल्म में उस ज्योतिषी को ?.... कितनी सफाई से सलमान से पैसे ऐंठ लेता है और अनिल कपूर बेवकूफ बनाता है। "
" तो क्या हुआ ?"
" अपुन का भी बस यही आइडिया है। "
" तुम्हारे पूरे खानदान में भी कोई ज्योतिषी हुआ है जो तुम बनोगे ?"
" है तो नहीं लेकिन हमारी आनेवाली नस्ल ज़रूर राज ज्योतिषी कहलाएगी। "
" पर ये सब करोगे कैसे ?"
" अरे कुछ खास नहीं, बस थोड़ा-बहुत त्याग तो मुझे करना ही होगा। "
" वह भला कैसे ?"
अरे ये हीरो-कट बाल छोड़ सीधे-सीधे लम्बे बाल रखूंगा। "
" उसमें तो नाई का खर्चा भी बचेगा, " बीवी चहक उठी ।
" कर दी ना तुमने दो कौड़ी वाली बात .... अरे मैं लाखों में खेलने की सोच रहा हूं और तुम इन छोटी-छोटी बातों पर नज़र गड़ाए बैठी हो। "
" लेकिन आता-जाता तो कुछ है नहीं, खाली वेष बदलने से क्या होगा ?" बीवी फिर बोल पड़ी।
" अरे यार, पहले पूरी प्लानिंग तो सुन ले। "
" जी बताऒ, " बीवी आतुर नज़रों से मेरी तरफ ताकते हुए बोली।
" हां, तो मैं त्याग करने की बात कह रहा था। तो दूसरा त्याग यह करना पडेगा कि....ये गोविंदा-छाप कपड़े छोड़ धोती-कुरता पहनना पड़ेगा। "
" वह तो शादी का पड़ा-पड़ा अभी तक सड़ रहा है अलमारी में, " बीवी चहकते हुए फिर बोल पड़ी।
" चलो, यह काम तो आसान हुआ. अब कोने वाले कबाड़ी की दुकान से रद्दी छांटनी पड़ेगी। "
" आय-हाय। अब क्या रद्दी भी बेचोगे ?"
" जब पता नहीं होता , तो बीच में चोंच मत लड़ाया कर, " मैं आँखे तरेरता हुआ बोला, " बेवकूफ, पुराने अखबारों में जो भविष्यफल आता है, उसकी कतरनों को सम्भालकर रखूंगा, वक्त-बेवक्त काम आएंगी और अगर एस्ट्रॉलजी से रिलेटेड कोई किताब मिल गई तो... पौ-बारह समझो। "
" पौ-बारह मतलब ?"
" अरे बेवकूफ, पौ-बारह मतलब लॉटरी लग गई समझो। "
" लेकिन यह जन्तर-मन्तर कहां से सीखोगे भला ?"
" कोई खास मुश्किल नहीं है यह सब भी , बस...बल्ली सागू या फिर बाबा सहगल के किसी भी रैप सॉन्ग को कुछ इस अन्दाज़ से तेज़ी से होंठो ही होंठो मे बुदबुदाना होगा कि किसी के पल्ले कुछ ना पडे। बस हो गया.... ' जन्तर-मन्तर काली कलन्तर... "
" ऒह समझ गई.... समझ गई। "
बस फिर क्या था मोटी कमाई के चक्कर में बीवी के बटुए का मुंह खुल चुका था। ज़रूरी सामान इकट्ठा करने के बहाने पैसे ले मैं चल पड़ा बाज़ार। पहले ठेके से दारू की बोतल खरीदी और फिर जा पहुंचा बाज़ू वाले कबाड़ी की दुकान पर। एक-दो पेग मरवाए उसे और अपने मतलब की रद्दी छांट लाया।
अब दिन-रात एक करके हम मियां-बीवी उन कतरनो का एक-एक अक्षर चाट गए और इस नतीजे पर पहुंचे कि " पूरी दुनिया में इससे आसान काम तो कोई हो ही नहीं सकता। " अब आप पूछोगे कि , " वो भला कैसे ?"
तो ये मैं आपको क्यों बताऊं ? और अपने पैर पर ख़ुद ही कुलहाड़ी मार लूं ? कहीं मुझसे ही कॉम्पिटीशन करने का इरादा तो नहीं है आपका ?
क्या कहा ?.... चिंता ना करूँ ?
हर-एक को यही लगता है कि वह सही है और बाक़ी सब ग़लत, कोई उसे सही ढंग से समझ ही नहीं पाया आज तक, वह अपनी तरफ़ से कड़ी मेहनत करता है लेकिन उसका पूरा फल नहीं मिलता, सबके सब उसकी कामयाबी से जलते हैं, कोई उसका भला नहीं चाहता ... दोस्त-यार ... रिश्तेदार .. भाई-बहन ... पड़ोसी ... सब के सब मतलबी हैं ... कोई उसकी ख़ुशी से ख़ुश नहीं हैं...वह सब पर तरस ख़ाता है, लेकिन कोई उस पर नहीं खाता ... किसी ने उस पर कोई जादू-टोना किया हुआ है ... या फ़िर उसकी दुकान या मकान बांध दिया है...
फिकर नॉट... घुमा-फिरा कर 2-4 डायलॉग और मार दो बस... " कोई ना कोई तो अटकेगा ज़रूर। और हाँ... अगर ऊं चे लेवल का गेम खेलना है, तो दो-चार चेले-चपाटे भी साथ रख लो, एकाध चेली हो तो कहना ही क्या। अगर कोई ना मिले तो चौक से ही दिहाड़ी पर पकड़ लाओ।
" हे भागवान, पूरी रामायण खत्म होने को आई और यह पूछ रही है कि ... सीता , राम की कौन थी ?"
" अरी भागवान, अभी ऊपर सारे मंतर तो बताता आया हूँ...कोई ना कोई तो फ़िट बैठेगा ज़रूर।"
" हुं! " बीवी की समझ मैं बात आ चुकी थी।
सो एक दिन ऊपरवाले का नाम लिया और जा पहुंचा बीच बाज़ार और बरगद के पेड़ के नीचे डेरा जमाया। " कोई न कोई कोई असामी रोज़ टकराने लगी। किसी को कुछ , तो किसी को कुछ इलाज बताता उसकी हर तक़लीफ़ या बीमारी का। एक से तो मैने एक ही झटके में पूरे बारह हज़ार ठग डाले थे। बड़ी आई थी मज़े से कि " महाराज बच्चा नहीं होता है , कोई उपाय बताओ। "
मुंह उतर आया उस बेचारी का कि मैं अबला नारी... " कहाँ से लाऊंगी ये सब ?"
मैंने कहा, " आप चिंता ना करें। परसों मेरा शागिर्द नेपाल से आनेवाला है, उसको फ़ोन किए देता हूँ , वही सब इंतज़ाम कर देगा। " उसने हामी भर दी।
और चारा भी क्या था उसके पास ?
नकद गिन के पूरे बारह हज़ार धरवा लिए मैने। फिर जाने दिया उसे।
मोटी-कमाई हो चुकी थी, सो मैने अपना झुल्ली बिस्तरा संभाला और चल पड़ा घर की ओर।
रास्ते में विलायती की पेटी ले जाना नहीं भूला।
ख़ुश बहुत था मैं, बस पीता गया, पीता गया। कुछ होश नहीं कि कितनी पी और कितनी नहीं पी। होश आया तो बीवी ने बताया , " पूरे तीन दिन तक टुल्ली थे आप। ख़ूब उठाने की कोशिश की लेकिन कोई फ़ायदा नहीं। "
" तो क्या पूरे तीन दिन दुकान बन्द रही ?"
" और नहीं तो क्या ?"
मैं झट से खड़ा हुआ और भाग लिया सीधा दुकान की ओर। पूरे रास्ते यही सोचे जा रहा था कि तीन दिन में पता नहीं कितने का नुक़सान हो गया होगा ?
कई बार तो पता नहीं कैसे मेरा तुक्का सही लगने लगा था और किसी-किसी को थोड़ा-बहुत फ़ायदा भी होने लगा लेकिन 8-10 बार शिकायत भी आई कि " महाराज आपकी तरकीब तो काम न आई, कोई और जुगाड बताओ। " ऐसे बकरों का तो मुझे बेसब्री से इंतज़ार रहता था। एक ही पार्टी को 2-2 दफा शैंटी-फ्लैट करने का मज़ा ही कुछ और है। उसके द्वारा किए गये इलाज में कोई न कोई कमी ज़रूर निकलता और नये सिरे से बकरा हलाल होने को तैयार। पुरानी कहावत भी तो है कि " खरबूजा चाहे छुरी पर गिरे या फ़िर छुरी खरबूजे पर , कटना तो खरबूजे को ही पड़ता है।
अपुन का कॉन्फिडेंस ' टॉप-ओ-टॉप बढता ही जा रहा था कि एक दिन एक ' जाट-मोलढ ' टकरा गया ....
पूरी कहानी सुनने के बाद मैंने उससे , उसकी परेशानी का इलाज बताने के नाम पर 2 हज़ार माँग लिए। जाट सौदेबाज़ी पर उतर आया। आख़िर में सौदा 450 रुपये में पटा। उसने धोती ढीली करते हुए जो नोट निकाले, तो मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं। नज़र धोती में बंधी नोटों की गड्डी पर जा अटकी, लेकिन अब क्या फ़ायदा, जब चिड़िया चुग गयी खेत। मैं तो यही सोचे बैठा था कि बेचारा ग़रीब मानुस है, इसे तो कम से कम बख्श ही दूं। आख़िर ऊपर जाने के बाद वहां भी तो हिसाब देना पड़ेगा। लेकिन यह बांगड़ू तो मोटी आसामी निकला। यहीं तो मार खा गया इंडिया।
साढ़े चार सौ जेब के हवाले करते हुए मुंह से बस यही निकला, " ताऊ काम तो करवा रहे हो पूरे ढाई-हज़ार का और नोट दिखा रहे हो टट्टू ।"
" बेटा टट्टू तो तुमने अभी देखा ही कहाँ है ?"
" वो तो अब मैं तुम्हें दिखाऊंगा, " कहते हुए उसने किसी को इशारा किया और तुरंत ही मेरे चारों तरफ़ पुलिस ही पुलिस थी। " साले! पब्लिक का फुद्दू खींचता है। अब बताएंगे तुझे...चल थाने। बड़ी शिकायतें मिली हैं तेरे खिलाफ़। साले! वो S.H.O साहेब की मैडम थीं, जिससे तूने बारह हज़ार ठगे थे । चल अब हम तुझे बताते हैं कि बच्चा कैसे होता है।
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आपको बस मैं लोगो ने क्यों पीटा?
at 7:28 PM Posted by Abhishek Kumar Verma
आपको बस मैं लोगो ने क्यों पीटा?
Posted by: Pawan Kumar Mall in जोक्स, पति और पत्नी के लतीफे, मज़ेदारलतीफे, लतीफे, हंसगुल्ले
पत्नी (पति से) : आप मुझे मेरा नाम लेकर मत मुकर करें. इस से बच्चे भी मेरा नाम लेकर पुकारते हैं.
पति (गुस्से से) : तो क्या मैं भी तुम्हें बच्चो की तरह मम्मी कहकर पुकारूँ ?
पति - आज सुबह न जाने किसका मुहं देखकर उठा था की दिन का खाना नसीब नही हुआ.
पत्नी - मेरी मने तो बेडरूम में लगे आईने को हटा दो वरना रोजाना यही शिकायत रहेगी.
पति: चलो तुमसे शादी करके मुझे एक बहुत बड़ा फायदा हुआ.
पत्नी: कौन सा फायदा?
पति: मुझे मेरे गुनाहों की सज़ा जीते-जी ही मिल गई.
पति (पत्नी से) : क्यों न आज की चाय बाहर जा कर पी जाए?
पत्नी (पति से) : क्यों? तुम्हे क्या लगता है की मई चाय बनाते बनाते थक गयी हूँ?
पति (पत्नी से) : अरे नही, दर असल मैं ही कप प्लेट धोते धोते थक गया हूँ.
पत्नी (पति से) : हाय: रे! मेरे तो करम फ़ुट ही गए, जो तुम्हारे पल्ले बंधी, वरना मुझे तो एक से बड़कर एक योग्य वर मिल रहे थे.
पति(दुखी होकर) : हाँ वह सच मुच योग्य थे, जो तुम्हारे फंदे में फंसने से से बच गए.
पत्नी: आपको बस मैं लोगो ने क्यों पीटा?
पति: मेरी फोटो बस मैं नीचे गिर गई थी, और मैंने एक मैडम से कहा जरा साड़ी ऊपर कीजिये मुझे फोटो लेनी हैं.
रोगी डॉक्टर से : आपने नर्स बहुत अच्छी राखी है, उसका हाथ लगते ही मैं ठीक हो गया.
डॉक्टर : जानता हु, थप्पड़ की आवाज़ मुझे भी सुनाई दी थी.
एक लड़का एक लड़की के साथ बैठा था.
दुसरे दिन दूसरी लड़की के साथ देखा गया.
तीसरे दिन कोई और लड़की थी.
चौथे दिन किसी नई लड़की के साथ था.
पाचवे दिन किसी और लड़की के साथ था.
इससे हमें क्या सीख मिलती हैं.........................
सीख ये मिलती हैं की : लड़कियां बदल जाती हैं, लड़के नहीं बदलते...
पत्नी : क्या कर रहे हो?
पति : मक्खिया मार रहा हु.
पत्नी : कितनी मारी?
पति : 3 मेल और 2 फिमेल.
पत्नी : कैसे मालूम?
पति : क्योंकि 3 दारू की बोतल से चिपकी थी और 2 फ़ोन से...
गधे, तुझे कुछ नही आता,
Posted by: Pawan Kumar Mall in husband And Wife, जोक्स, मज़ेदारलतीफे, लतीफे, संता और बँटा, हंसगुल्लेबीवी : अजी सुनिए, मुझे किसी महँगी जगह ले के चलिए न जी….
पति : चलो, तैयार हो जाओ…
तो बताइए वो उसे कहाँ ले गया….
………
……..
…..
….
…
..
.
.
.
.
पेट्रोल पम्प!!!
बेटा : बापू जब शादी से हर आदमी तंग है तो फिर शादी करते ही क्यों है?
बापू : बेटा अकाल बादाम खाने से नही,
ठोकर खाने से आती है...
समुन्दर के किनारे
बेठे है..
कभी तो लहर
आएगी..
किस्मत बदले न
बदले...
.
.
.
कम से कम चप्पल तो
धुल जाएगी !!
पत्नी: मुझे वो भिखारी बिल्कुल पसंद नही जो कल आय था!
पति : क्यों??
पत्नी : मैंने उसके भीख मांगने पर उसे खाना दिया और उसने अगले दिन मुझे एक किताब उपहार में दी.
"खाना कैसे पकाए"!!
बच्चा अपने पिता से : पापा 5 + 5 कितने होते है?
पिता- उल्लू के पट्ठे,
गधे, तुझे कुछ नही आता,
जा अन्दर से कैलकुलेटर लेके आ..
संता बेटी की शादी के लिए 24 साल का लड़का देखने गया.
वहा से बीवी को फ़ोन किया
ओ गल सुन 24 दा कोई मुंडा नि मिल्या.12-12 दे 2 चलेंगे?
कंप्यूटर में विण्डो लगानी है
Posted by: Pawan Kumar Mall in sms संग्रह, जोक्स, मज़ेदारलतीफे, लतीफे, संता और बँटा, हंसगुल्लेसिगरेट
संता :- अपने पिता के सामने सिगरेट पी रहा था.
लोगों ने कहा के आप अपने पिता के सामने सिग्रत्ते पि रहे हो?
संता बोला :- वो मेरे पिता है, कोई पेट्रोल पम्प थोडी न हैं.
ब्रेक फ़ेल
संता :- ओ बन्नो कार की स्पीड इतनी क्यो बढ़ा दी..?
बीवी :- ओजी कार की ब्रेक फ़ेल हो गई है,
एक्सीडेंट हो जाए इसके पहले ही घर पहुँच जाते है.
हवाई जहाज
संता पहली बार हवाई जहाज से बोम्बे जा रहा था,
जैसे ही हवाई जहाज उतरने लगा,
वो चिल्लाने लगा : "बॉम्बे-बॉम्बे" ,
एयर होस्टेस :- " B-silent please ",
फिर संता चिल्लाने लगा :- " ओम्बे - ओम्बे.....!! !!!!!! " 

पांव में चप्पल
एक दोस्त दुसरे दोस्त से :- यार लड़कियों को “I love you” कहने की
सब से अच्छी जगा कौन सी है?
दोस्त :- मन्दिर!!
दूसरा दोस्त :- वो क्यों?
पहला दोस्त :- क्यों की वहां उनके पांव में चप्पल नहीं होती. 
कंप्यूटर में विण्डोसरदार :- यार मुझे एक हथौडा या कील चाहिए कंप्यूटर के लिए.
सेल्स मेन :- मगर कंप्यूटर में इनका क्या काम?
सरदार :- ओये यार मुझे कंप्यूटर में विण्डो लगानी है.

Keep Always Smile On Your Face

• संता: ओये, लडकी देख, कितनी सोनी है.
बता: मुझे तो उसका नाम भी पता है.
संता: क्या नाम है.
बंता: में बैंक गया था, वहां यह एक काउंटर पे बैठी थी, नेम
प्लेट पे लिखा था: चालू खाता
• संता: मुझमे और बिल गेट्स में क्या समानता हैं?बंता: मुझे नही पता.
संता: अच्छा में बताता हूँ... न वो मेरे घर आता हैं और न में उसके घर जाता हूँ!
•लडकी: क्या तुम मुझसे शादी के बाद भी प्यार करते रहोगे?संता: ये सब तो तुम्हारे पती के ऊपर हैं, अगर वो ऐसा चाहेगा तो में तुम्हे जरूर प्यार करूँगा.
•जीतो संता से: ऐसे लड़कियों को देखना बंद करो, अब तुम शादी-शुदा हो.संता: तुम्हारा मतलब हैं की में अभी diet पर हूँ, और मैं मीनू कार्ड भी नही देख सकता हूँ?
•संता बंता से: पाँच जानवरों के नाम बताओ जो पानी में रहते हैं?बंता: 1 मेंडक.
संता: ठीक है होर दस?
बंता: मेंडक दा प्राह, भेन, पियो ते माँ.
•बंता: मेरी बीवी मुझे छोड़ के चली गई.संता: तू उसका ख्याल नही रखता होगा.
बंता: अरे यार, सगी बहन की तरह रखता था.
• संता: कुतुब मीनार कहाँ है?पप्पू: पता नही.
संता: कभी घर से निकला करो.
पप्पू: राम लाल कौन है?
संता: पता नही.
पप्पू: कभी घर मी भी रहा करो.
•नर्स- बधाई हो: आपके जुरवा बेटे हुए हैं.संता: ये तो होना ही था.
नर्स- क्यों?
संता: जब देखो केबीसी पार्ट-2 देखती रहती थी, मिल गया न उम्मीद से
दुगना.
•संता फोन पर बात कर रहा था.बंता: किस से बात कर रहे हो?
संता: बीवी से.
बंता: इतने प्यार से...?
संता: तुम्हारी है.
•संता का बेटा: मेरे पापा बहुत डरपोक हैं.बंता का बेटा: कैसे?
संता का बेटा: जब भी रोड क्रॉस करते हैं तो मेरी ऊँगली पकड़ लेते
हैं और कहते हैं की छोडना मत.
•संता अपनी गर्ल फ्रेंड को पार्क में कीस कर लेता हैं.गर्ल: पलीज़ये सब शादी से पहले…
संता: चिंता मत करो डार्लिंग, में पहले से ही शादी शुदा हूँ.
•संता: में और मेरी गर्ल फ्रेंड शादी कर रहे हैं.बंता: वाव, कब?
संता: मेरी 7 दिसम्बर को और उसकी 13 जनवरी को.
•पप्पू: डैड सेक्स क्या होता हैं?संता थोड़ा टेंशन में आ जाता हैं लकिन वो सब कुछ अपने बेटे को बता देता हैं.
पप्पू: लकिन डैड में ये सब अपने सकूल के प्रवेश फार्म के उस छोटे से बॉक्स में इतना सब कैसे लिखूंगा?
•संता: इस ऑपरेशन से मुझे कुछ हो गया तो इसी डॉक्टर से शादीकर लेना.
जीतो: ऐसे क्यो कह रहे हो?
संता: डॉक्टर से बदला लेने का येही 1 रास्ता है!
•इंटरव्यू लेने वाला: आप किसी महिला में सबसे पहले क्या देखते हैं?संता: ओ जी, वो इस बात पर निर्भर करता हीं की वह आ रही है या
जा रही है?

भगवन को गुस्सा कब आता है?
जब कोई लड़की शादी से पहले pregnant हो,
और उसकी माँ बोले" हे भगवन ये तुने क्या किया?

क्या तुम उड़ सकते हो
क्या संजीवनी बूटी ला सकते हो
सीना चीर के दिखा सकते हो
नही ना
बेटा सिर्फ़ शकल बन्दर जैसी होने से कोई "हनुमान जी" नही बन सकता

लड़का: जानेमन इस दिल में आजा
लड़की: सेंडल निकालू क्या?
लड़का: अरे पगली...
ये मंदिर नही है ऐसे ही आजा.....

लड़का: मुझसे शादी करोगी..
लड़की: क्या??
लड़का: अच्छी फ़िल्म है ना..
लड़की: कुत्ते के बच्चे..
लड़का: क्या??
लड़की: कितने अच्छे होते है ना..

एक लड़की ने एक सिक्का डालके अपना वजन देखा 58kg
सेंडल उतारी 56kg
जैकेट उतारी 53kg
फिर दुप्पटा उतरा 52kg
और उसके बाद सिक्के ख़त्म हो गए
1 भीकारी बोला तू चालू रह सिक्के मैं दूंगा.

संता : कुत्ते की पूछ को एक पाइप में ज़बरदस्ती डाल रहा था.
बँटा : ओये, कुत्ते की दुम कभी सीधी नही होती.
संता : बेवकूफ, मैं तो पाइप बंद कर रहा हूँ.


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